SPREAD LOVE & KILL DEPRESSION
मेरा इस ब्लॉग को बनाने का एक ही मकसद है डिप्रेशन को दूर करना और प्यार फैलाना व मुसीबत में
एक -दूसरे की मदद करना | दोस्तों थोड़ा कड़वा है लेकिन लिखना चाहता हूँ , आज हम सब दुनिया की भीड़ में
फिजिकली एक दूसरे से जुड़े हुए तो रहते है ,लेकिन जब भी मुसीबत में हमे किसी की जरूरत होती है ,हम सब
खुद को अकेला महसूस करते है , और डिप्रेशन और अन्य कई बीमारियाँ हमे अपना शिकार बना लेती है |
समय - समय पर जरूरत पड़ने पर ,एक दूसरे की मदद लेनी ही पड़ती है ,जरूरत बड़ी हो या छोटी | मैंने यह
आज हमारे समाज में जो स्थिति बनी हुई है उसी के आधार पर लिखा है, ये सब लिखकर मेरा मकसद किसी को भी तकलीफ पहुंचाना नही है
किसी को मदद (HELP ) की जरूरत पड़ने पर मदद करो , मदद अपने ही मांगते है ,कोई अजनबी नहीं। .....
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आज वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO ) के हिसाब से डिप्रेशन (SUICIDE ) से प्रति वर्ष 8 लाख से ज्यादा लोग
मर जाते है इसमें सबसे ज्यादा अनुपात भारत का है .......
जबकि डिप्रेशन विचारो का बनाया जाल होता है समय रहते इस जाल से नहीं निकल पाते तो लोग इस खूबसूरत
दुनिया से अलविदा (छोड़ ) हो जाते है......... /
मेरा यह आप सब के साथ मिलकर एक छोटा सा प्रयास है अपनों को प्यार दे , साथ दे ,जीवन को आगे बढाने में मदद करे |
इसके लिए मुझे आप सब का ढेर सारा प्यार और साथ चाहिए। .......
गंवा ते तो ख़ुशी और मुस्कान है साहब ,
कल कि फ़िक्र में
वरना टाइम तो हर दिन (86400 सेकण्ड ) फिक्स ही रहता
है. .........

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