आज के योगा में तीसरी और चौथी मुद्रा का नाम है 3 ----- हृदय मुद्रा , और 4 ------ शून्य मुद्रा :----
- हृदय मुद्रा (विधि ):---------
- सबसे पहले पद्मासन में कमर को सीधी करके बैठ जाए ,और फिर दोनों हाथो को सीधा करके घुटनो पर रखे जैसा चित्र में दिखाया गया है
- इसके लिए तर्जनी (index ) अंगुली को मोड़कर अंगूठे की गद्दी पर लगाए जैसा चित्र में है और बाद में छोटी अंगुली को छोड़कर बाकि दोनों अंगुलियों को अंगूठे से स्पर्श करे |
- इसका अभ्यास रोज करे
- 10 -20 मिनट तक इस मुद्रा में बैठे रहे |
लाभ :-------
- दिल का दौरा (heart attack ) रोकने में इंजेक्शन की भांति काम करता है |
- नियमित अभ्यास से हृदय रोग में बहुत लाभदायक है चित्र :----हृदय मुद्रा
4 . चौथी मुद्रा ( शून्य मुद्रा ):--------------
- सबसे पहले पद्मासन में कमर को सीधी करके बैठ जाए ,और फिर दोनों हाथो को सीधा करके घुटनो पर रखे जैसा चित्र में दिखाया गया है
- इसके बाद बीच (middle )की अंगुली को अंगूठे की जड़ में लगाकर अंगूठे से दबाये |
लाभ :-------
- कान के दर्द में लाभ मिलता है तथा लगातार अभ्यास करने से कान के विभन्न रोगो से बचाव होता है और जिसे सुनाई नहीं देता उसे सुनाई देने लग जाता है ( जन्म से बहरा और गूंगा न हो )| चित्र :---शून्य मुद्रा
जिन्दा रहता है बच्चा ,हर उम्र के इंसानो में
बस बड़े बन जाते है ,सिर्फ दिमाग में उलझे ,
विचारो से.........
दोस्तों जिंदगी मिली है खुद के चेहरे पर भी मुस्कान रखो ,और अपनों के चेहरे पर भी मुस्कान लाए और जब भी जरूरतमंद की मदद करने का मौका मिले तो अपने स्तर पर मदद जरूर करे। .........


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