बाकि मुद्रा ( 1 -6 ) के लिए अन्य पोस्ट देखे ----------
दोस्तों आज की योग मुद्रा का नाम 7 .----पृथ्वी मुद्रा और 8 --------वरुण मुद्रा है ----------
घमंड ना कर तू अपनी काबिलियत का
है समर्थ तो कर मदद किसी की।
ना है कोई कमजोर इस जहां में
अगर है तेरी ये भूल अभी भी
करले तू सुधार अभी भी।
ना है अगर तुम्हे यकीन अभी भी
जरा देख इस जहां में ,अब है यहां सन्नाटा ।
है ऐक छोटा सा ,यह वायरस (कोरोना)
मचा रखा हाहाःकार सभी में......
दोस्तों मेरा मकसद इन लाइनस के माध्यम से किसी को भी तकलीफ पहुंचाना नहीं है , मेरा मकसद इस ब्लॉग के माध्यम आपस में प्यार फैलाना,मदद के लिए आगे आने की पहल करना ,और डिप्रेशन दूर करने में हेल्प करना है..........
दोस्तों कभी किसी को कमजोर मत समझो ,किसी का वक्त खराब हो सकता है ,इंसान और उसकी जिंदगी कभी कमजोर नहीं हो सकती --------------
इसका आज सीधा -सीधा उदाहरण है आज पूरी दुनिया में फैला यह वायरस , जिसे हम देख भी नहीं सकते आँखों से, फिर भी पूरी दुनिया में क़हर (कोप ) मचा रखा है एक इंसान की तुलना में तो यह वायरस कई लाख गुना कमजोर और छोटा होता होगा , यह कोप मचा रखा है क्योकि यह टाइम उसका चल रहा है लेकिन यह स्थायी नहीं है क्योकि आज नहीं तो कल इस वायरस को खत्म होना ही है मतलब इस वायरस के अच्छे दिन और हम इंसानो के बुरे दिन खत्म होने ही है।
ठीक उसी प्रकार यदि कोई इंसान बुरे दौर से गुजर रहा होता है तो उसकी अपने स्तर पर मदद करने की जरूर कोशिश करे ,वो इंसान आपके द्वारा मिली मदद के कारण आप को कभी नहीं भूलेगा, जैसे आज इस वायरस के प्रकोप को हम कभी नहीं भूलेंगे ,और यदि हम मदद ना कर सके किसी की तो कभी उसके बुरे वक्त उसके लिए अपमानजनक शब्द भी ना बोले ,तब भी वो हमे कभी भूलेगा नहीं , चुनना हमे है हम क्या चुने ---------------------
दोस्तों योगा की ये मुद्राये दिखने में आसान और पढ़ने में सरल है लेकिन इन्हे डेली लाइफ में शामिल करना उतना ही मुश्किल है इसका एकमात्र कारण आलस है इन्हे अपनी लाइफ में शामिल करे और खुद को स्वस्थ और एक्टिव रखे -----------------
दोस्तों इस समय में आपको इन्ही मुद्राओ मेसे एक मुद्रा का सुझाव देता हूँ वो है मुद्रा नम्बर 5 (प्राण मुद्रा) इस मुद्रा के बारे में पिछली पोस्ट में लिखा हुआ है जो हमें इस वायरस से दूर रखने में काफी हेल्पफुल है
मुद्रा नम्बर ----7 पृथ्वी मुद्रा (विधि )
- सबसे पहले पद्मासन में कमर को सीधी करके बैठ जाए ,और फिर दोनों हाथो को सीधा करके घुटनो पर रखे और बाद में जैसा चित्र में दिखाया गया है वैसी मुद्रा बनाये
- इसका अभ्यास रोज करे
- इस मुद्रा में कम से कम 25 -40 मिनट तक बैठे रहे और अपना ध्यान साँस पर केंद्रित करे।
चित्र :--- पृथ्वी मुद्रा
लाभ
- दुबले -पतले व्यक्तियों के लिए लाभदायक
- सकीर्ण विचारो को दूर रखने में सहायक
मुद्रा नम्बर 8 ------वरुण मुद्रा ( विधि)
- सबसे पहले पद्मासन में कमर को सीधी करके बैठ जाए ,और फिर दोनों हाथो को सीधा करके घुटनो पर रखे और बाद में जैसा चित्र में दिखाया गया है वैसी मुद्रा बनाये
- इसका अभ्यास रोज करे
- इस मुद्रा में कम से कम 25 -40 मिनट तक बैठे रहे और अपना ध्यान साँस पर केंद्रित करे.
चित्र :----वरुण मुद्रा
लाभ ; ---------
- त्वचा और रक्त साफ होता है
- शरीर में जल तत्व की से होने वाले रोग दूर होते है
कभी माफ़ कर दिया करो और कभी माफी मांग लिया करो
अजनबियों को तो दिन में कई दफ़ा सॉरी बोल देते है ,
फिर अपनों को बोलने में क्या हर्ज है --------


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